Tuesday, February 5, 2019

भ्रष्टाचार की कवच क्यों बनी ममता...?

शारदा चिट फंड घोटाले की जांच करने कोलकाता पहुंची सीबीआई तो ममता के इशारे पर सीबीआई के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया जाता है। सीबीआई पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है लेकिन ममत बनर्जी खुद ढाल बन जाती हैं और 3 फरवरी को रात 8 बजे धरने पर बैठ जाती हैं। रात होते होते ये ड्रामा 

मोदी बनाम ममता में तब्दील हो जाता है। 
ममता   मोदी से इतनी नफरत है कि उन्हें 2019 में जीतते नहीं देखना चाहती हैं।पुलिस कमिश्नर शारदा और रोजवैली चिटफंड के जरिये किये गए घोटाले की जांच कर रही SIT के प्रमुख थे। उस समय आपने जो सबूत इकट्ठा किये थे उसमें से अपनी बॉस ममता को बचाने के लिए आपने उन सबूतों में से बहुत से सबूत डिलीट कर दिए। अब सवाल यही उठता है कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के पास शारदा चिट फंड घोटाले का कौन से सबूत थे जिसे वो मिटा दिए । इस लड़ाई में

ममता वो हर काम कर रही है जिससे उनका पतन सुनिश्चित है।पता नहीं किस जिद में लोकतंत्र की मर्यादा और संवैधानिक तंत्रों पर अपनी हुकूमत का हंटर चला रही हैं। बंगाल के लोग देख रहे हैं और समझ भी रहे हैं। आने वाला वक्त TMC के लिए अभिशाप होगा। भाजपा के जिन कार्यकर्ताओं ने बंगाल में बलिदान दिया है वो व्यर्थ नहीं जाएगा।दमन के खिलाफ कार्यकर्ता जान हथेली पर लेकर जंग लड़ रहे हैं।बंगाल में सुशासन के लिए हर चुनौती का डटकर सामना कर रहे हैं।वर्षों से लात, घूंसा, लाठी, गोली खाने वाले कार्यकर्ताओं की आहट से ममता की नींद उड़ गई है। 

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